आजमगढ़ में साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और देशद्रोह के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 26.70 लाख रुपये की ठगी करने वाले जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया है। आरोपी व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को अधिकारी बताकर लोगों को डराता था और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे ऐंठता था।
डिजिटल अरेस्ट कर देशद्रोह के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 26.70 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपित को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान जहांगीर आलम निवासी मछली माहौल, लालकुर्ती, आमीनाबाद, लखनऊ के रूप में हुई है। उसके पास से दो मोबाइल फोन, विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिमकार्ड और 2,070 रुपये बरामद हुए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि एक व्यक्ति ने साइबर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसे वाट्सएप काल कर खुद को सीआइओ अधिकारी बताने वाले लोगों ने कहा कि उसके खाते से गलत लेनदेन हुआ है। उसके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की बात कहकर उसे भयभीत किया गया और डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर उससे 26.70 लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करा लिए गए।तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जहांगीर आलम का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर उसे उसकी सहमति से आजमगढ़ लाकर पूछताछ की। साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह साथियों के साथ मिलकर विभिन्न मोबाइल नंबरों से वाट्सएप काल करता था। खुद को अधिकारी बताकर खाते में गलत लेनदेन और देशद्रोह के मुकदमे का भय दिखाता था। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर रुपये अपने खातों में स्थानांतरित करा लेता था। विधिक कार्रवाई के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया।
